मुंबई:
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने और ग्रामीण चिकित्सा तंत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। इसके तहत राज्य की 259 नई और श्रेणी-सुधारित (Upgraded) स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए 5,223 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दे दी गई है. इस पूरी व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने ₹320.01 करोड़ के वार्षिक खर्च को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी है।
1. पदों का पूरा गणित: क्यों पड़ी इन नए पदों की जरूरत?
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के नए आदेश के मुताबिक, राज्य के जिन 259 चिकित्सा केंद्रों का निर्माण कार्य 50 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है।
वास्तव में, इन सभी केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 7,155 पदों की आवश्यकता थी। इनमें से 2,032 पदों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी। इसलिए, अब शेष 5,223 नए पदों के सृजन और कार्यान्वयन को हरी झंडी दिखाई गई है ताकि अस्पतालों का काम न रुके।
2. बड़े अस्पतालों का विस्तार और बेड क्षमता (Bed Capacity) में बढ़ोतरी
बदलती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने कई जिला और सामान्य अस्पतालों के अपग्रेडेशन (श्रेणीवाढ) और विस्तार की मंजूरी दी है:
- ठाणे जिला अस्पताल: इसकी क्षमता को 336 बेड से बढ़ाकर सीधे 500 बेड किया जा रहा है।
- बीड जिला अस्पताल: इसकी क्षमता का विस्तार 300 बेड से बढ़ाकर 500 बेड तक किया जाएगा।
- ग्रामीण अस्पतालों का उप-जिला स्तर पर अपग्रेडेशन:
- 13 ग्रामीण अस्पतालों को 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड वाले उप-जिला अस्पतालों में बदला जा रहा है।
- 6 ग्रामीण अस्पतालों को सीधे 30 बेड से 100 बेड क्षमता वाले उप-जिला अस्पतालों में अपग्रेड किया जा रहा है।
- 6 मौजूदा उप-जिला अस्पतालों की क्षमता को भी 50 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया जा रहा है।
3. सुपर-स्पेशियलिटी और नए पदों का निर्माण (नासिक रेफरेंस हॉस्पिटल)
जटिल बीमारियों के स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए नासिक रेफरेंस सर्विस हॉस्पिटल में कई पुराने विशेषज्ञ पदों की जगह आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी पदों को तैयार किया गया है। अब यहाँ निम्नलिखित विशेषज्ञ और तकनीकी स्टाफ नियुक्त होंगे:
- न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) और न्यूरोसर्जन (Neurosurgeon)
- रेडियोलॉजिस्ट (Radiologist)
- बायोमेडिकल इंजीनियर (Biomedical Engineer)
- ईईजी (EEG) और ईएमजी (EMG) टेक्नीशियन्स
इसके अलावा ठाणे संदर्भ सेवा रुग्णालय, ठाणे महिला अस्पताल, अकोला जिला अस्पताल, मंचर-आंबेगांव सामान्य अस्पताल और इचलकरंजी सामान्य अस्पताल जैसी प्रमुख संस्थाओं में भी नए पद मंजूर हुए हैं।
4. इन केंद्रों के लिए भी नियमित पद स्वीकृत
शासन निर्णय के तहत चिकित्सा व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों पर नियमित पदों को भरा जाएगा:
- नए महिला अस्पताल
- 5 ट्रॉमा केयर यूनिट्स (Trauma Care Units)
- 4 आयुष (AYUSH) अस्पताल
- 13 नए ग्रामीण अस्पताल
- 158 स्वास्थ्य उप-केंद्र (Sub-centres)
- 38 गैर-आदिवासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 3 आदिवासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- करमद स्थित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र
- राज्य स्तरीय औषधि भंडार (State Medicine Stores)
5. नियुक्तियों को लेकर कड़े प्रशासनिक नियम (PWD की शर्तें)
पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी बजट का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए सरकारी आदेश में दो मुख्य बातें साफ की गई हैं।
- भोगवटा प्रमाणपत्र (O.C.) अनिवार्य: इन स्वास्थ्य संस्थाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों की वास्तविक नियुक्तियां (Posting) तभी की जाएंगी, जब इमारतों का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो जाएगा और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) इसका आधिकारिक भोगवटा प्रमाणपत्र (Occupancy Certificate) जारी कर देगा।
- पदों के दोहरीकरण (Duplication) पर रोक: यदि किसी भी संस्थान में पहले से मंजूर पद दोबारा सृजित पाए जाते हैं, तो प्रशासनिक जांच के बाद उन्हें तुरंत रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा।
इस फैसले से ठाणे, नासिक, बीड, अकोला, पुणे, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित कई जिलों के नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में डॉक्टरों और बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।